बांकीपुर उपचुनाव: भाजपा ने बदला उम्मीदवार, अभिषेक बंटी की जगह नीरज कुमार सिन्हा को बनाया प्रत्याशी
Bankipur By-election: BJP changes candidate
पटना। Bankipur By-election: BJP changes candidate, बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में भाजपा ने बड़ा राजनीतिक फैसला लिया है। पार्टी ने अभिषेक सिन्हा उर्फ अभिषेक बंटी की जगह नीरज कुमार सिन्हा को उम्मीदवार बनाया है। अभिषेक बंटी के नामांकन वापस लेने के बाद भाजपा ने तेजी से नई रणनीति पर काम किया।
इसके बाद पार्टी नेतृत्व ने नीरज कुमार सिन्हा के नाम पर मुहर लगा दी। इस फैसले के साथ ही बांकीपुर की चुनावी लड़ाई और दिलचस्प हो गई है। राजनीतिक गलियारों में भाजपा के इस फैसले की खूब चर्चा हो रही है।
भाजपा के दो बार मंडल अध्यक्ष रहे नीरज कुमार जो वर्तमान में भाजुमो के जिला उपाध्यक्ष है। मीठापुर के पोस्टल पार्क एरिया के रहने वाले है।
अविवाहित नीरज ने 2006 में BJP के प्राथमिक सदस्यता ली थी। नीरज के चाचा नरेन्द्र भारती जनसंघ काल से भाजपा के मंडल अध्यक्ष रहे है।
भाजपा के केन्द्रीय चुनाव समिति ने नीरज को प्रत्याशी बनाने की मुहर लगा दी है। इसके उपरांत भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री एवं मुख्यालय प्रभारी अरुण सिंह ने नीरज को प्रत्याशी बनाने का पत्र जारी कर दिया है।
नामांकन वापसी के बाद बदले चुनावी समीकरण
अभिषेक बंटी ने पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया था। उन्होंने अपना नामांकन वापस लेने की जानकारी पार्टी नेतृत्व को दे दी थी।
इसके बाद भाजपा के सामने नए उम्मीदवार के चयन की चुनौती खड़ी हो गई। पार्टी ने ज्यादा इंतजार नहीं किया और नया चेहरा मैदान में उतार दिया।
अब चुनावी मुकाबले में भाजपा की रणनीति नए सिरे से आकार लेती दिख रही है। बांकीपुर उपचुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी भी बढ़ गई है।
प्रशांत किशोर की चुनौती के बीच BJP का नया दांव
बांकीपुर सीट इस बार बिहार की सबसे चर्चित सीटों में शामिल हो गई है। एक तरफ जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर पहली बार चुनावी मैदान में हैं।
दूसरी ओर भाजपा इस सीट को अपने कब्जे में बनाए रखने की कोशिश में जुटी है। ऐसे में उम्मीदवार बदलने के फैसले को रणनीतिक कदम माना जा रहा है।
हाई-प्रोफाइल सीट पर सबकी नजर
बांकीपुर उपचुनाव पहले से ही राज्य की राजनीति का केंद्र बना हुआ है। भाजपा के उम्मीदवार बदलने के बाद इस सीट की चर्चा और बढ़ गई है।
अब सभी की नजरें चुनाव प्रचार और आगामी रणनीति पर टिकी हैं। देखना होगा कि नया चेहरा पार्टी के लिए कितना असरदार साबित होता है।
वहीं विपक्षी दल भी इस घटनाक्रम पर करीब से नजर बनाए हुए हैं। आने वाले दिनों में बांकीपुर की सियासत और गर्म होने के संकेत हैं।